देवेन्द्र फडणवीस

एक जुझारू नेता – 47 की उम्र में बने थे महाराष्ट्र के सीएम

देवेन्द्र फडणवीस एक भारतीय राजनेता हैं। महाराष्ट्र पूर्व के मुख्यमंत्री (कार्यकाल 23 नवंबर 2019 से 26 नवंबर 2019 तक) तथा राज्य के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र विधानसभा में नागपुर दक्षिण पश्चिम से विधायक है। देवेन्द्र गंगाधरराव फडनवीस महाराष्ट्र की राजनीति का वो नाम है जिसने अपने पिता से राजनीति विरासत मिलने के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाई।

फड़नवीस ब्राह्मण परिवार से तालुक रखते हैं और उनके पिता गंगाधर राव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ में रहे हैं। वह महाराष्ट्र के 18 वें मुख्यमंत्री हैं। 22 जुलाई 1970 को नागपुर, महाराष्ट्र में ब्राह्मण परिवार में फडणवीस पैदा हुए। वह 44 वर्ष की उम्र में शरद पवार के बाद महाराष्ट्र के सबसे छोटे मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 31 अक्टूबर, 2014 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सीएम पद की शपथ ली।

जीवन परिचय

फडणवीस ने नागपुर में सरस्वती विद्यालय, शंकर नगर चौक से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है।उन्होंने पांच साल की एकीकृत कानून की डिग्री के लिए नागपुर के सरकारी लॉ कॉलेज में दाखिला लिया, और 1 99 2 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर डिग्री और डीएसई, बर्लिन से परियोजना प्रबंधन में डिप्लोमा लिया। देवेंद्र ने 2006 में अमृता रानाडे से विवाह किया।

वह नागपुर में एक्सिस बैंक के एसोसिएट उपाध्यक्ष हैं। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम दिविजा फडणवीस है। फड़नवीस के पिता राज्य विधान परिषद के सदस्य भी रहे। फडनवीस अपने कॉलेज के दिनों में एबीवीपी के एक सक्रिय सदस्य थे।

27 साल की उम्र में बने मेयर

21 साल की उम्र में देवेंद्र फडणवीस नागपुर के नगर निगम के नगरसेवक नियुक्त किए गए. साल 1997 में मात्र 27 साल की उम्र में वो मेयर बने और साल 1997 से 2001 तक महापौर रहे. साल 1999 में वो नागपुर से विधायक बने तो साल 2001 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे. साल 2014 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र फडणवीस नागपुर के दक्षिण पश्चिम से विधायक बने.

बड़े फैसले भी लिए

पिछले साल मराठाओं ने आरक्षण को लेकर हिंसक आंदोलन भी किया था. जिसके बाद राज्य के 30 फीसदी मराठाओं को लुभाने के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 16 फीसदी आरक्षण देने का बिल पारित कर दिया गया. देवेंद्र फडणवीस का ये बड़ा सियासी दांव था. इसके अलावा देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के विकास का एजेंडा लेकर चल रहे हैं. उन्होंने राज्य को सूखा मुक्त करने के लिए सिंचाई व्यवस्था पर ज़ोर दिया. जलयुक्त शिवार की वजह से मौजूदा साल में सूखे में गिरावट देखी जा रही है. इसके अलावा पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने महानगरों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर दिया. देवेंद्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल में छगन भुजबल की गिरफ्तारी से बड़ा संदेश भेजने की कोशिश की. लेकिन किसानों के मोर्चे पर फडणवीस सरकार का कर्जा माफ न करने वाला फैसला गैर सियासी लगता है.

बेदाग रहा सियासी सफर

देवेंद्र फडणवीस पर पार्टी के पुरजोर भरोसे की एकमात्र वजह उनकी बेदाग़ और युवा जोश से भरी सियासी यात्रा रही. संघ से जुड़ाव विरासत में मिला जिसने उन्हें बेहद ही अनुशासनप्रिय कार्यकर्ता बनाया और संघ की दीक्षा उनके सियासी जीवन में संजीवनी साबित हुई. लेकिन सीएम पद की अहम जिम्मेदारी से पहले वो राज्य के बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी के रूप में अनुभव हासिल कर चुके थे. उन्हें स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे का करीबी माना जाता था और उनके ही समर्थन से ये मुकाम मिल सका था. गोपीनाथ मुंडे के असामयिक निधन के बाद उस खालीपन को देवेंद्र फडणवीस ने भरने का काम किया और अपने राजनीतिक कौशल से विरोधियों को साधने में कामयाब हुए. जिसके बाद उनके सीएम बनने की राह पीएम मोदी की स्वीकारोक्ति से तय हो गई.

सियासी सफर
1992 – नागपुर के नगर निगम के नगरसेवक नियुक्त।
1997 – 27 साल की उम्र में मेयर बने। साल 1997 से 2001 तक महापौर रहे।
1999- नागपुर से विधायक बने।
2014- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।
खास बातें
नाम: देवेन्द्र गंगाधरराव फडणवीस/जन्मदिन: 22 जुलाई 1970
व्यवसाय: भारतीय राजनीतिज्ञ
घर का पता- 276, धरमपेठ, त्रिकोणी पार्क-10
शौक: पढ़ना, लिखना
पसंदीदा नेता: नरेंद्र मोदी
खाने की आदत: वेजटेरियन
जाति : ब्राह्मण
राजीनीतिक पार्टी: भारतीय जनता पार्टी
राष्ट्रीयता: भारतीय/धर्म: हिन्दू