नगर-निगम के बाद अब जिला परिषद पर एआईएमआईएम की सीधी एंट्री
छत्रपति संभाजीनगर
महाराष्ट्र की सियासत में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने एक और बड़ा दांव चल दिया है। नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी सीधे जिला परिषद चुनाव के चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। एआईएमआईएम राज्य की 12 जिला परिषदों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। छत्रपति संभाजीनगर स्थित प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सियासी फैसले की औपचारिक घोषणा की गई। जिला परिषद उम्मीदवार चयन समिति के सदस्य नासिर सिद्दीकी, शेख अहमद, शारेख नक्शबंदी और विकास एडके मौजूद थे।
सिद्दीकी ने आंकड़ों के साथ ताकत दिखाई
नगरपालिका चुनावों में एआईएमआईएम के 83 नगरसेवक और महानगरपालिकाओं में 125 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस जनसमर्थन को अब ग्रामीण सत्ता केंद्रों तक ले जाने का समय आ गया है।
जलील के दफ्तर से चलेगी सियासी छननी

शारेख नक्शबंदी ने साफ किया कि जिला परिषद चुनाव के लिए आवेदन प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील के कार्यालय में ही स्वीकार किए जाएंगे। सामाजिक और विकासात्मक कार्यों में सक्रिय चेहरों को टिकट में तरजीह दी जाएगी।
बड़े दलों को सीधी चुनौती
नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों में एआईएमआईएम के प्रदर्शन की तुलना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, मनसे सहित कई दल पिछड़ते नजर आए, जिसके बाद पार्टी ने जिला परिषद चुनाव में उतरने का फैसला किया है। उम्मीदवार चयन के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो आवेदनों की जांच के बाद अंतिम नामों की घोषणा करेगी। विकास एडके ने कहा कि एआईएमआईएम ने शहरी से लेकर ग्रामीण स्तर तक जाति–धर्म की राजनीति से अलग हटकर समावेशी उम्मीदवार उतारे, जिसका फायदा पार्टी को मिला। ग्राम पंचायत चुनावों में भी पैनल के जरिए मिली सफलता ने पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ाया है।शेख अहमद ने दावा किया कि इसी रणनीति के दम पर जिला परिषद चुनावों में भी चौंकाने वाले नतीजे सामने आएंगे। वहीं शारेख नक्शबंदी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर, जालना, सोलापुर, सांगली, रत्नागिरी, धाराशिव सहित 12 जिलों में एआईएमआईएम की पूरी तैयारी है।
