1. सुकन्या समृद्धि योजना
यह योजना लड़कियों की शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें माता-पिता या अभिभावक अपनी बेटी के नाम से बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं। इसमें आकर्षक ब्याज दर मिलती है, और यह योजना कर लाभ भी प्रदान करती है। इसमें न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं और खाता बेटी के 21 वर्ष की उम्र तक सक्रिय रहता है।
2. सवित्रीबाई फुले शिष्यवृत्ति योजना
यह योजना उन लड़कियों के लिए है जो कक्षा 5 से कक्षा 10 तक पढ़ाई कर रही हैं।अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित हो सकें। इस योजना के तहत छात्राओं को नियमित रूप से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
3. मुख्यमंत्री कन्या सुकन्या योजना
इस योजना के तहत, राज्य सरकार परिवार की पहली या दूसरी बेटी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। लड़कियों की शिक्षा और उनके भविष्य के आर्थिक स्थिरता के लिए यह योजना बनाई गई है। योजना के अंतर्गत, एक निश्चित राशि सरकार की ओर से जमा की जाती है, जिसे बच्ची के बड़े होने पर या पढ़ाई पूरी करने के बाद निकाला जा सकता है।
4. बालिका वधू योजना
यह योजना बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस योजना के तहत, सरकार बालिकाओं की शिक्षा और उनके विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि उनकी शादी सही उम्र में और सामाजिक रूप से सशक्त बनने के बाद हो सके।
5. अप्पा साहेब बाल्कावड़े महिला सम्मान योजना
इस योजना का उद्देश्य उन लड़कियों और महिलाओं को सम्मानित करना है जिन्होंने किसी विशेष क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है। इसके अंतर्गत, लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
6. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
यह योजना केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर चलाई जाती है, जिसमें बेटी के जन्म को प्रोत्साहन दिया जाता है और उनकी शिक्षा को सुनिश्चित किया जाता है।
इसके तहत लड़कियों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं और उन्हें शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
7. महिला आर्थिक विकास महामंडल (MAVIM)
यह संस्था महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम करती है, जिसमें लड़कियों के लिए भी योजनाएं शामिल हैं। MAVIM के तहत महिला स्व-सहायता समूहों का गठन किया जाता है, जिससे लड़कियों और महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण और आर्थिक मदद मिलती है।
8. विद्याधन योजना
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों के लिए है, जिसमें उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि का उपयोग लड़कियों की शिक्षा की फीस और अन्य खर्चों के लिए किया जाता है।
9. गर्भवती महिलाओं के लिए योजनाएं
गर्भवती महिलाओं को और नवजात शिशु लड़कियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए जननी सुरक्षा योजना और प्रदान योजना चल रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करना और नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है।
10. शाला प्रवेशोत्सव अभियान
यह योजना बालिकाओं की स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करने और ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए चलाई जा रही है। इसमें विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की लड़कियों को शिक्षा से जोड़ा जाता है।
