डिजिटल क्रांति के बीच भारत में युवाओं के लिए कमाई के नए रास्ते खुल रहे हैं। खासतौर पर यू-टयूब आज लाखों लोगों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है। गांव से लेकर महानगरों तक युवा वीडियो कंटेंट बनाकर न सिर्फ पहचान बना रहे हैं, बल्कि विज्ञापन, ब्रांड प्रमोशन और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए आमदनी भी कर रहे हैं।


क्या कहते हैं एक्सपर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म ने कंटेंट क्रिएटर, वीडियो एडिटर, ग्राफिक डिजाइनर, स्क्रिप्ट राइटर और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ाया है। कम लागत में मोबाइल और इंटरनेट की उपलब्धता ने छोटे शहरों के युवाओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने का अवसर दिया है।
कई चुनौतियां भी हैं
हालांकि, यह भी सच है कि इस क्षेत्र में आय स्थिर नहीं होती और सफलता कुछ ही प्रतिशत क्रिएटर्स को मिल पाती है। अधिकांश लोग लंबे समय तक लगातार मेहनत के बाद ही आर्थिक लाभ कमा पाते हैं। इसके अलावा कंटेंट पॉलिसी, एल्गोरिद्म बदलाव और प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां भी बनी रहती हैं।
क्या यह सही है?
1.YouTube आज भारत में लाखों क्रिएटर्स, एडिटर्स, स्क्रिप्ट राइटर्स, डिजिटल मार्केटर्स और टेक्निकल प्रोफेशनल्स को सीधे-अप्रत्यक्ष रोज़गार दे रहा है। लेकिन क्या इसे औपचारिक अर्थों में “देश का सबसे बड़ा नियोक्ता” कहना सही होगा?
2.भारत में सबसे बड़े औपचारिक नियोक्ताओं में Indian Railways और Indian Armed Forces जैसे सरकारी संस्थान शामिल हैं, जिनमें लाखों कर्मचारी कार्यरत हैं।
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